Sunday, April 27, 2014

2 मई को दुल्हन बनेंगी 'संध्या', ये स्टार्स भी करने वाले हैं 2014 में शादी

शादियों का सीजन शुरू हो गया है। कई सेलिब्रिटीज इस साल शादी के बंधन में बंधने जा रहा हैं। ताजा मामला बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी का है जिन्होंने फिल्ममेकर आदित्य चोपड़ा से कुछ दिन पहले ही इटली में गुपचुप शादी की है।
अपने पसंदीदा सितारे की शादी का उनके फैन्स भी इंतजार करते हैं, लेकिन कुछ सितारे ऐसे होते हैं जिनकी शादी से उनके प्रशंसकों का दिल टूट जाता है। जैसे स्टार प्लस पर आने वाले प्राइम टाइम शो ‘दीया और बाती हम’ की लीड एक्ट्रेस संध्या यानी दीपिका सिंह के प्रशंसक शायद उनकी शादी से खुश ना हों। क्योंकि उनके सैंकड़ों दीवाने हैं और करियर के शुरुआती दौर में शादी का फैसला कर उन्होंने अपने प्रशंसकों को निराश जरूर किया होगा।
आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे ही स्टार्स के बारे में जो इस साल यानी 2014 में शादी के बंधन में बंध सकते हैं। इनमें से कुछ अरेंज मैरिज कर रहे हैं तो किसी ने खुद ही अपना जीवन साथी चुना है।
दीपिका सिंह और रोहित राज गोयल
टीवी शो ‘दीया और बाती हम’ की संध्या यानी दीपिका की शादी की खबर पहले ही आ गई थी। दीपिका ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि वे अपने शो के डायरेक्टर रोहित राज गोयल से मई में शादी करेंगी। ये शादी उनके माता-पिता ने तय की है। अब तो दीपिका और रोहित की शादी के कार्ड भी छप कर आ गए हैं। दिल्ली में रहने वालीं दीपिका 2 मई को दुल्हन बनेंगी। दोनों की सगाई 30 अप्रैल, 2014 को मुंबई में होगी और इसके बाद 2 मई को शादी।
आगे पढ़ें...इन स्टार्स की भी 2014 में बजेगी शहनाई

Friday, April 25, 2014

कपिल की 'बुआ' को सुनील गावसकर ने ऐसे सिखाया क्रिकेट, देखें PICS

मुंबई. पॉपुलर कॉमेडी शो 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' की दीवानगी आम लोगों तक सीमित नहीं है, कई सेलिब्रिटीज भी इस शो के जबरदस्त फैन हैं। मनोरंजन जगत के सेलिब्रिटीज के साथ-साथ स्पोर्ट्स वर्ल्ड के स्टार भी इसके मंच पर दिखाई देने लगे हैं। 
 
कुछ समय पहले टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा ने यहां आकर अपने प्रशंसकों का मनोरंजन किया था और बीते दिनों क्रिकेट की दुनिया के नामी सितारे सुनील गावसकर और वीरेंद्र सहवाग शो के सेट पर नजर आए। दोनों स्पोर्ट्स स्टार्स ने कपिल के ऑनस्क्रीन परिवार के साथ कुछ हलके-फुल्के पल बिताए और अपने फैन्स के सवालों के जवाब भी दिए। 
 
इस दौरान दोनों ने पिंकी बुआ (उपासना सिंह) को क्रिकेट खेलना सिखाया। मंच पर बुआ संग क्रिकेटर्स के इस स्पोर्टी अंदाज ने ऑडियंस को खूब ठहाके लगवाए। बता दें कि अक्सर इस मंच पर सेलिब्रिटीज प्रमोशंस के चक्कर में आते हैं, लेकिन ये दोनों क्रिकेटर्स किस उद्देश्य से यहां आए थे, यह तो एपिसोड देखने के बाद ही पता चलेगा। 

53% वोटिंग से ही मुंबई में टूटा 25 साल का रिकॉर्ड, जानें ज्‍यादा मतदान किनके लिए है खतरे की घंटी


नई दिल्ली. आम चुनाव के छठे चरण के तहत भले ही सलमान सहित कई फिल्‍मी सितारों ने मतदान नहीं किया (जानें, उन हस्तियों के बारे में जिन्‍होंने नहीं दिया वोट), लेकिन मुंबई सहित कई जगहों पर रिकॉर्ड वोटिंग हुई। पुडुचेरी में जहां सबसे अधिक 83 प्रतिशत वोट पड़े वहीं जम्‍मू-कश्‍मीर में सबसे कम 28 प्रतिशत वोटिंग हुई। मुंबई ने वोटिंग के मामले में पिछले 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। हालांकि, यहां वोटिंग प्रतिशत 53 के आसपास ही रहा (देखें वोट देकर निकले सितारों की तस्‍वीरें)। 2009 के लोकसभा चुनाव में मुंबई में 43.5 फीसदी वोटिंग हुई थी।
 
 
छठे चरण की वोटिंग बिहार और मध्य प्रदेश के नाम रही। बिहार की सात सीटों पर 60 फीसदी वोटिंग हुई जो राज्य औसत से 15.84 प्रतिशत अधिक है। दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश रहा। यहां की 10 सीटों पर 66 फीसदी मत पड़े जो कि राज्य औसत से 14.84 फीसदी अधिक है। अगर जम्‍मू-कश्‍मीर को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी 11 राज्यों में 2009 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले अधिक वोट पड़े हैं।
 
 
छठे चरण का चुनाव पूरा होते ही औसतन वोटिंग 67 फीसदी तक पहुंच गई है। बढ़ते मतदान प्रतिशत को जानकार जहांलोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण बताते हैं वहीं यह भी कहते हैं कि यह मौजूदा सांसदों के लिए खतरे की घंटे समान होगा।क्‍या हैं मतदान प्रतिशत बढ़ने के मायने और इसका क्‍या असर होगा मौजूदा सांसदों के भविष्‍य पर, जानते हैं

सुषमा स्वराज तेलंगाना रवाना, झांसी में शिवराज करेंगे उमा का प्रचार

भोपाल. मध्यप्रदेश में तीसरे व आखिरी चरण की वोटिंग के बाद भाजपा नेता अब उत्तर प्रदेश की ओर रुख कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज गुरुवार रात तेलंगाना के लिए रवाना हो गईं, जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंहचौहान 28 अप्रैल को झांसी से भाजपा प्रत्याशी उमा भारती के पक्ष में ललितपुर में सभा लेंगे।
 
प्रदेश संगठन महामंत्री अरविंद मेनन व मंत्री नरोत्तम मिश्रा शुक्रवार को ही झांसी पहुंच जाएंगे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और गोपाल भार्गव भी झांसी जा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह की लखनऊ सीट पर प्रचार करेंगे।
 
सूत्रों की मानें तो उप्र की एक दर्जन सीटों पर मप्र के नेता जा रहे हैं। इनमें मप्र की सीमा से सटी चौथे, पांचवें और छठवें चरण में होने वाले मतदान की सीटों के अलावा बड़े नेताओं के क्षेत्र भी शामिल हैं। प्रदेश के लोग खासतौर पर लखनऊ, झांसी, बनारस, कानपुर, अमेठी, आजमगढ़, जालौन, हमीरपुर, बांदा आदि जगहों पर जा सकते हैं।
 
लखनऊ सीट पर बृजमोहन पांडे, प्रदीप जोशी, नीरज चौरसिया समेत झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक चेतन सिंह जाएंगे। चेतन फिर अमेठी, बनारस व आजमगढ़ जाएंगे।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कार्यक्रम अलग से बनाया जा रहा है।
 
केंद्रीय भाजपा की ओर से मिले कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री मप्र में वोटिंग के बाद उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, बिहार और हिमाचल प्रदेश के दौरे पर जाएंगे।
 
उमा समर्थक भी पहुंचे
 
पूर्व विधायक नरेंद्र बिरथरे, भगवानदास सबनानी, मुकेश जैन, केशव भदौरिया, शैलेंद्र शर्मा, बिहारीलाल सोलंकी, टीकमगढ़ जिलाध्यक्ष अभय यादव, सुधीर अग्रवाल समेत कई विधायक व पूर्व विधायक झांसी पहुंच गए हैं। बांदा में गणेश सिंह, संगठन मंत्री अजय पांडे व सतना विधायक समेत 22 लोग पहुंच चुके हैं। पांडे हमीरपुर में सक्रिय रहेंगे। इस सीट पर संगठन मंत्री चंद्रप्रकाश मिश्रा, जितेंद्र प्रताप सिंह बुंदेला, डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, मानवेंद्र सिंह, डॉ. घासीराम पटेल आदि जाएंगे।

केसर पिस्ता कुल्फ़ी - Kesar Pista Kulfi

गर्मियों का मौसम आ रहा है और ऎसे में कुल्फ़ी किसे पसंद नहीं आती. खास कर घर भी ही बनी केसर पिस्ता कुल्फ़ी का तो मज़ा ही अलग है. दोपहर में खाने के बाद या रात के खाने के बाद केसर बादाम कुल्फ़ी मिल जाए तो सब खुश हो जाएंगे.
कुल्फ़ी को आप किसी कटोरी, गिलास, कुल्हड नुमा मटकों में या कुल्फ़ी के मोल्ड में भी जमा सकते हैं. इसे एअर टाइट कंटेनर में जमाने की ज़रूरत नहीं होती और ये आइसक्रीम की बजाए थोडी़ रवेदार और सख्त होती है.
पुराने और पारंपरिक तरीके से कुल्फ़ी जमाने के लिए दूध को उबाल उबाल कर आधा होने तक गाढा़ कर लिया जाता है. लेकिन आजकल कुल्फ़ी को कंडेन्सड मिल्क और मिल्क पाउडर से भी बनाया जाता है. लेकिन इसमें काढ़ कर बनाई हुई कुल्फ़ी की तरह दूध के रेशे नहीं होते.
आप इस कुल्फ़ी में पिस्ता की जगह बादाम डाल कर बादाम पिस्ता कुल्फ़ी और सिर्फ़ केसर डाल कर केसर मलाई कुल्फ़ी बना सकते हैं. आपकी कुल्फ़ी का रंग बाज़ार की कुल्फ़ी तरह गहरा नहीं होगा लेकिन केसर का हल्का रंग इसे हल्का पीला बना देगा.

ज़रूरी सामग्री:

  • फुल क्रीम दूध - 1 लीटर
  • ब्रेड स्लाइस - 4
  • पिस्ते - 1 टेबल स्पून (पतले पतले काट लें)
  • चीनी - 100 ग्राम (आधा कप)
  • छोटी इलाइची - 4-5 (छील कर पाउडर बना लें)

बनाने की विधि:

एक मोटे तले का बर्तन लें. इसमें दूध डाल कर उबाल लें. उबाल आने पर दूध में से 1 कप निकाल कर अलग
रख लें और बाकी के दूध को गैस पर ही रहने दें. जब तक दूध कढ़ कर गाढा़ ना हो जाए और आधा ना रह जाए तब तक इसे काढ़ते रहें. दूध को बीच-बीच में चलाते रहें ताकि ये बर्तन में नीचे ना लग जाए. तैयार होने पर इसे गैस बंद करके ठंडा कर लें.
अब बचाए हुए एक कप दूध में केसर मिला लें. ब्रेड के स्लाइस से ब्राउन किनारों को काट कर हटा दें.
ब्रेड के टुकडे़ करके गाढे़ किए हुए दूध में मिला लें. चीनी डालें और इसके घुलने तक मिला लें. अब केसर वाला दूध, पिस्ता और इलायची पाउडर डाल कर अच्छे से मिला लें.
तैयार मिश्रण को अपनी पसंद के किसी भी बर्रन  या कुल्फ़ी मोल्ड में डालें और इसे जमने के लिए रख दें. लगभग 4-8 घंटे में कुल्फ़ी जम कर तैयार हो जाएगी.
जब कुल्फ़ी जम जाए तो इसे काट कर उपर से 1-2 टुकडे़ पिस्ता के डाल कर सजाएं और कुल्फ़ी का मज़ा लें.






कंडेन्स्ड मिल्क से बनाएं कुल्फ़ी:

इस तरीके से कुल्फ़ी के लिए दूध को गाढा करने की ज़रूरत नहीं है. 500 ग्राम दूध लें और इसे गरम करें. 1 कप दूध में ब्रेड को डाल कर भिगो लें. 200 ग्राम कंडेन्सड मिल्क और भीगी हुई ब्रेड को बाकी बचे दूध में मिला लें. इसमें चीनी ना डालें और मिश्रण को ठंडा करके सारी चीज़ें इसी तरह डाल कर कुल्फ़ी को जमा लें.

ध्यान दें:

आप बच्चों के लिए कुल्फ़ी छोटे गिलास में जमा सकती हैं. और चाहें तो उसमें पकड़ने के लिए एक स्टिक या चम्मच भी डाल सकती हैं.







मोदी के हैं खास और चला रहे हैं गुजरात सरकार, जानिए कौन हैं वे IAS अधिकारी

नई दिल्‍ली. केंद्र की सत्‍ता पाने के लिए संघर्ष कर रहे बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी ने अपनीगुजरात सरकार को चलाने के लिए एक कोर टीम बना रखी है। इस टीम में उनके चार भरोसेमंद आईएएस अधिकारी और चुनिंदा मंत्री शामिल हैं। ये आईएएस अधिकारी हैं- कुनियिल कैलाशनाथन, जीसी मुर्मू, एके शर्मा और विजय नेहरा हैं। माना जा रहा है कि अगर मोदी प्रधानमंत्री बने तो इनमें से कुछ आईएएस अधिकारियों को केंद्र का कामकाज देखने के लिए बुलाया जा सकता है।
 
 
सूत्रों का कहना है कि इन सारे लोगों में मोदी के  प्रिसिंपल चीफ सेक्रेटरी कुनियिल कैलाशनाथन गुजरात के मुख्‍यमंत्री के सबसे भरोसेमंद बताए जाते हैं। कैलाशनाथन 1979 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उन्‍हें केके के नाम से जाना जाता है।मोदी के राजनीतिक बदलाव के पीछे उन्हें मुख्य ताकत माना जाता है। उनके जरिए ही मोदी ब्यूरोक्रेसी को कंट्रोल करते हैं।
 
मोदी के लिए केके कितने अहम हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल 31 मई को वह रिटायर हो गए थे, लेकिन उन्हें तुरंत दो साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर राज्‍य सरकार में मुख्‍यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी के तौर पर नियुक्‍त कर दिया गया। राज्य में हुए पिछले दो विधानसभा चुनावों में रणनीति बनाने में केके ने अहम भूमिका अदा की है।

Thursday, April 24, 2014

जानिए क्या है मुकेश अंबानी के काम करने का ideal तरीका

सफलता पाना और उसे बरकरार रखना दो अलग-अलग चीजें हैं। आज दुनिया में जितने नामी-गिरामी अरबपति कारोबारी हैं उन्होंने अपनी सफलता को पाने के लिए अलग-अलग कायदे अपनाए। दुनिया की नामी कंपनियों के सीईओ के सक्सेस फंडे में उनके काम करने का तरीका काफी अहम रहा है।
कई बिजनेसमैन का मानना है कि ऑफिस की तुलना में घर में रहकर ज्यादा अच्छे से काम किया जा सकता है, वहीं अंबानी जैसे कारोबारी ऑफिस का काम ऑफिस में ही पूरा करने पर विश्वास रखते हैं। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी 1121 अरब रुपए की निजी परिसंपत्तियों के साथ देश के सबसे धनी व्यक्तियों में शीर्ष पायदान पर हैं और दुनिया भर के अरबपतियों में 40वां स्थान प्राप्त किया है। 19 अप्रैल को मुकेश अंबानी का जन्मदिन था और इस मौके पर ही आज हम आपको दुनिया के चंद बिजनेसमैन की ऑफिशियल वर्किंग स्टाइल के बारे में बताने जा रहे हैं।
मुकेश अंबानी
देश के सबसे अमीर इंसान और रिलायंस इंडस्ट्रीज के हेड मुकेश अंबानी ऑफिस के काम को ऑफिस में ही करने में विश्वास रखते हैं। उन्हें ऑफिस के काम को घर या कहीं दूसरी जगह करना बिल्कुल पसंद नहीं है। यहीं कारण है कि वो सुबह 11 बजे ऑफिस जाते हैं और सारा काम वहीं खत्म करने के बाद लेट नाइट 11 बजे तक घर वापस आते हैं। इतना ही नहीं कई बार काम ज्यादा होने और घर में ऑफिस का काम न करने के स्वभाव के चलते वो रात 2.30 बजे अपने काम से फ्री हो पाते हैं। मुकेश की कंपनी में भी ऐसा ही कल्चर बना हुआ है। वहां के कर्मचारी भी अपने ऑफिस के काम को घर न ले जाकर वर्किंग प्लेस में ही पूरा करते हैं।